
ग्वालियर। ग्वालियर में 11 दिवसीय गणेश उत्सव का शुभारंभ आज बुधवार से हो गया। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेशजी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। शहर के बाजारों में उत्सव का माहौल है। सड़कों पर ढोल-ताशों की थाप पर नाचते गाते हुए श्रद्धालु गणपति को घर लेकर आ रहे हैं।
सुबह से ही बाजार में श्रीजी की प्रतिमाओं के लिए दुकानों पर भीड़ लगी है। इस बार लोग मिट्टी के गणेश मांग रहे हैं। लोग ढोल तासों और बैंड बाजों के साथ विघ्नहर्ता को अपने घर ले जा रहे हैं। इस बार ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं की मांग अधिक है। घरों में भी गणपति बप्पा मौरया की गूंज के साथ विधि विधान से प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। व्यंजन बनाकर भगवान गणेश का भोग लगाया जा रहा है। बच्चों में ज्यादा उत्साह है।
बाजार में मिट्टी और पीओपी के गणेश प्रतिमाओं का व्यवसाय करने वालों के चेहरे खिले हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि इस बार मिट्टी के गणेश प्रतिमाओं की मांग ज्यादा है। लोग दो से तीन फीट के गणेश और मिट्टी की प्रतिमाएं मांग रहे हैं।
खासगी बाजार स्थित मोटे गणेश मंदिर, शिन्दे की छावनी स्थित अर्जी वाले गणेश मंदिर में भक्त सुबह से दर्शनों लिए कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इन मंदिरों के अलावा शहर में स्थित भगवान गणेश के मंदिरों पर भी उत्सवी माहौल है।
ग्वालियर शहर में गणेश उत्सव के दौरान छोटे-बड़े करीब एक हजार से ज्यादा स्थान पर गणेश पंडाल लग रहे हैं। जिसमें सबसे ऊंची और बड़ी गणेश प्रतिमा अचलेश्वर मंदिर पर स्थापित की गई है।
