जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने अवमानना मामले में जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना व संकुल प्राचार्य सहित अन्य को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आठ सितंबर को नियत की गई है।अवमानना याचिकाकर्ता पन्ना निवासी मूरत सिंह की ओर से अधिवक्ता शंकर प्रसाद सिंह व पद्मावती जायसवाल ने पक्ष रखा।
उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता की 28 दिसंबर 1981 को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई थी। 30 मई 1997 को उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर और 29 मार्च 2003 को प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति हुई। 31 मई 2022 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रैपुरा से सेवानिवृत्त हुआ। 14 नवंबर 2022 को अभ्यावेदन प्रस्तुत कर निवेदन किया कि अर्जित अवकाश जो सेवा पुस्तिका में 504 दिन दर्ज है, का भुगतान किया जाए। 16 नवंबर, 2022 को दूसरा अभ्यावेदन दिया। लेकिन अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया गया। जिस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने 90 दिन के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए अवमानना याचिका दायर की गई।
