ग्वालियर: रेलवे स्टेशन के पुर्ननिर्माण दिनों दिन धीमा होता जा रहा है। 450 घंटे में स्टेशन का कार्य महज 52 प्रतिशत हो पाया है। अभी 385 घंटे का ब्लॉक और मांगा गया है। यानी कि 2 वर्ष और यात्री परेशान होते रहेंगे जबकि रेल प्रशासन ने साफ -साफ कह दिया है कि 385 घंटे का ब्लॉक कम से कम 2 साल में ही मिल पायेगा।रेलवे स्टेशन का पुर्नविकास कार्य 535 करोड़ रूपये की लागत से दिसम्बर 2024 तक निर्माण कार्य पूरा होना था।
लेकिन अभी तक केवल 45 प्रतिशत निर्माण कार्य हो पाया है।डेडलाइन खत्म होने के बाद वर्ष 2026 तक के लिये बढ़ा दिया गया है लेकिन प्लेटफार्म, रूफटॉप और अन्य निर्माण अधूरे है। रेल प्रशासन ने 2 साल के दौरान करीब 350 घंटे का ब्लॉक केपीसी कंम्पनी को दिया है।रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 50-60 हजार यात्री ट्रेनों में यात्रा करते हैं लेकिन काम की वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्लेटफार्म पर बैठने की जगह नहीं है।
नया फुटओवर ब्रिज तैयार होने के बावजूद एस्केलेटर चालू कर दिये गये है। स्टेशन के पोर्च में वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। यही नहीं निर्माण कार्य के दौरान प्लेटफार्म से गिरकर ट्रेन की चपेट में आये 4 यात्रिेयो की मौत भी हो चुकी है जबकि कई जख्मी भी हो चुके है। हालांकि रेलवे इसे मानने से इंकार करती है। अब कम्पनी ने रेलवे को प्रस्ताव भेजा है कि 25 सितम्बर तक प्लेटफार्म नम्बर 1 से लेकर 4 तक स्ट्रक्चर खड़ा करने के लिये उसे 411 घंटे के ब्लॉक की आवश्यकता होगी। इससे यह तय माना जा रहा है कि पुर्न विकास का काम पूरा होने में कम से कम 1 वर्ष से अधिक का समय अभी और लगेगा तब तक यात्री परेशान होते रहेंगे।
