ड्यूटी इंचार्ज डॉक्टर समेत अन्य तलब, जांच कमेटी होगी गठित
जबलपुर: नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में मृत बच्ची शिशु का शव बताकर परिवार को थमा दिया गया जब परिवार शव को दफनाने के लिए ले गया तो परिजनों ने बताया कि बच्ची नहीं बच्चा पैदा हुआ था। मामले की जब जांच पड़ताल शुरू हुई तो गड़बड़ी सामने आई। मामले मेंं मेडिकल अधीक्षक ने ड्यूूटी इंचार्ज डॉ परिहार समेत अन्य से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही जांच कमेटी गठित होगी जिसके बाद जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने बताया कि धर्मेंद्र बर्मन 40 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत पटोरी मझौली की पत्नी सुनीता को 30 वर्ष को डिलेवरी के लिए 23 अगस्त को इलाज के लिए भर्ती कराया। जन्मा बच्चा सीरियस था। जिसे बाद में एनएसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। 25 अगस्त को को बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। परिजन जब शव को लेकर तिलवारा घाट पहुंचे तो उन्होंने पाया जो नवजात मृत शव परिवार को दिया गया वह लडक़े का था यह बात नर्मदा तट पर धर्मेंद्र ने लोगों को बताई लोगों ने समाजसेवी आशीष ठाकुर से संपर्क किया परिवार और शव को कैजुअल्टी भेजा गया सहयोगी के साथ लाया गया।
जहां संबंधित विभाग ने मामला गंभीर नहीं लिया तत्पश्चात अधीक्षक और डिपार्टमेंट को सूचना दी गई इसके हस्तक्षेप के बाद महकमा हडक़ंप में आया क्योंकि सुबह-सुबह स्टाफ उपस्थित नहीं था मृतक बच्चे की जानकारी खंगली गई तो पता चला कि दो महिलाओं की डिलेवरी हुई थी। दोनों नवजात शिशुओं की मौत हो गई और नाम दर्ज करने में गड़बड़ी हुई थी। जिसके चलते बच्चों की अदला बदली हो गई। हालांकि बाद में परिवार को उनके नवजात बच्चों के शव दोनों परिवार को सौंपा गया। जिसके बाद धर्मेेन्द्र के मृत नवजात शिशु का मोक्ष ने अंतिम संस्कार किया।
इनका कहना है
एक समय पर दो बच्चों की मौत हुई थी नाम दर्ज करने मेंं गलती हुई है जिनकी ड्यूटी थी उन्हें बुलाया गया हैं। जांच टीम गठित होगी जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ अरविन्द्र शर्मा, अधीक्षक, मेडिकल
