
खंडवा। पंधाना रोड ही नहीं, जिले भर के रोड दयनीय स्थिति में हैं। लोक निर्माण विभाग का सडक़ देखने वाला विंग आंख मूंदकर सो रहा है। अधिकारी यहां काम ही नहीं करना चाहते। लगभग 60 से 70प्रतिशत स्टाफ खाली है। ऐसीई जैसे विभाग के सर्वेसर्वा का पद लंबे समय से रिक्त है। पीडब्ल्यूडी के ईई ना फोन उठाते हैं, ना कोई काम करना चाहते हैं। उनकी लचर कार्यप्रणाली के कारण इनसे एसडीओ और सब इंजीनियर भी नहीं डरते । यही कारण है कि पंधान रोड, मूंदी रोड, आशापुर से खालवा रोड और ऐसे दर्जनों रोड दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं। लोग दुर्घटनाएं भुगत रहे हैं। वाहनों के साथ जनहानि भी हो रही है ।
वास्तविक बात करें तो खंडवा डिवीजन के ईई 15 दिन इधर-उधर रहते हैं। हरसूद एसडीओ खाली है । निमाड़ डिवीजन भी एक एसडीओ और एक सब इंजीनियर के भरोसे चल रहा है। इस विभाग का कोई कर्ताधर्ता ही नहीं है। सडक़ों के ठेके देखने वाला भी कोई नहीं है। मर्जी के मुताबिक काम चल रहा है। दफ्तर में बैठे-बैठे ही फील्ड के इन लोगों की ड्यूटी चल रही है। नरेंद्र मंडलोई एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के कंट्रोल में यह विभाग नहीं है।
जिले के चारों विधायकों की राजनीति भी इसी विभाग की लापरवाही के कारण प्रभावित हो रही है। बार-बार कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी इनसे सवाल पूछ रहे हैं।
