
मास्को, 25 अगस्त (वार्ता ) रूस में चीनी राजदूत झांग हानहुई ने कहा है कि कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का भविष्य में विस्तार हो सकता है क्योंकि अधिक से अधिक देश इसमें शामिल होने में रुचि दिखा रहे हैं।
श्री झांग ने समाचार एजेंसी स्पूतनिक को दिए साक्षात्कार में कहा, “वर्तमान में, अधिक से अधिक देश इस संगठन में शामिल होने या इसके साथ सहयोग मजबूत करने में रुचि दिखा रहे हैं। यह एससीओ अवधारणा के बारे में उनकी गहरी समझ और इसके विकास की संभावनाओं में उनके विश्वास की पूरी तरह पुष्टि करता है।” उन्होंने कहा कि एससीओ का विस्तार, इस संगठन की समग्र शक्ति और क्षेत्रीय प्रभाव को मजबूत करता है लेकिन यह कभी भी एक उद्देश्यपूर्ण कार्य नहीं होकर विकास का एक स्वाभाविक परिणाम रहा है।
राजदूत ने कहा, “संगठन के दरवाजे हमेशा खुले हैं, और हमें विश्वास है कि भविष्य में नए सदस्य ‘एससीओ के बड़े परिवार’ में शामिल होंगे।”
उल्लेखनीय है कि एससीओ 2001 में बना एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसमें भारत, ईरान, कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान शामिल हैं। चार जुलाई, 2024 को अस्ताना शिखर सम्मेलन में बेलारूस आधिकारिक रूप से इस संगठन में शामिल हो गया। इसमें पर्यवेक्षक देश अफ़ग़ानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि एससीओ के संवाद सहयोगी देश अज़रबैजान, आर्मेनिया, बहरीन, मिस्र, कंबोडिया, कतर, कुवैत, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, तुर्की और श्रीलंका हैं।
एससीओ शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से एक सितंबर तक तियानजिन में आयोजित किया जाएगा।
