इंदौर: मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में इंदौर संभाग की तस्वीर चिंताजनक है. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के एक हालिया शोध से पता चला है कि पूरे संभाग में मात्र 71 मनोचिकित्सक उपलब्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक सिर्फ इंदौर शहर में केंद्रित हैं. अलीराजपुर, झाबुआ और बुरहानपुर जैसे जिलों में तो एक भी मनोचिकित्सक मौजूद नहीं है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रति एक लाख आबादी पर तीन मनोचिकित्सक होने चाहिए. लेकिन इंदौर संभाग में यह दर केवल 0.21 प्रति लाख है. विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति सुधारने के लिए यहां कम से कम 400 और मनोचिकित्सक बढ़ाने होंगे. साथ ही ‘टेली-मानस’ जैसी हेल्पलाइन सेवाओं को और सुदृढ़ करना जरूरी है, जिससे फोन पर भी विशेषज्ञ परामर्श मिल सके.
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद धनधोरिया ने बताया कि यह शोध मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. वीएस पाल के मार्गदर्शन में फैकल्टी डॉ. विजय निरंजन, डॉ. अश्विन चौहान और रेजिडेंट डॉ. रिया गंगवाल, डॉ. अंकित कुशवाहा द्वारा किया. यह अध्ययन स्टेट साइकियाट्री कॉन्फ्रेंस में पुरस्कृत हुआ है और ‘इंडस्ट्रियल जर्नल ऑफ साइकियाट्री’ में प्रकाशन के लिए भी स्वीकृत किया
