रूस में भारतीय राजदूत पवन कपूर ने कहा- भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा प्राथमिकता है, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का नहीं पड़ेगा असर।
मास्को, 25 अगस्त (वार्ता): रूस में भारत के राजदूत पवन कपूर ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वहीं से तेल खरीदेगा, जहां उसे सबसे अच्छा सौदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
‘पश्चिमी प्रतिबंधों का नहीं पड़ेगा असर’
पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर बोलते हुए कपूर ने कहा कि ये प्रतिबंध भारत की रूस से तेल खरीदने की क्षमता को प्रभावित नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है और किसी के दबाव में नहीं आएगा।
रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता
रूस वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है, जिसने सऊदी अरब और इराक को पीछे छोड़ दिया है। भारत ने रूस से तेल आयात में भारी वृद्धि की है, क्योंकि रूस ने यूक्रेन युद्ध के बाद रियायती दरों पर तेल की पेशकश की है।

