(प्रियंका सिंह) छतरपुर। मोहन सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत छतरपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य रखा है कि सत्र 2026-27 से यहां एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। यह निर्णय स्थानीय स्तर पर तीन दशकों से चली आ रही मांग का परिणाम है। कॉलेज में शुरुआती चरण में 150 सीटों पर प्रवेश होगा।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम वर्ष 2026 में कॉलेज का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण की स्वीकृति के बाद छात्रों का पहला बैच दाखिला ले सकेगा। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग की पीआइयू शाखा कॉलेज परिसर का निर्माण कार्य करा रही है।
फैकल्टी भर्ती की तैयारी
सरकार जल्द ही एनएमसी को मान्यता के लिए आवेदन करेगी। निरीक्षण से पहले फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। छोटे जिलों में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए सरकार 20 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है। इसी निर्णय के बाद पदों पर भर्ती प्रारंभ होगी।
दिसंबर तक पूरा होगा निर्माण
कॉलेज भवन का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। यहां 19 विभाग संचालित होंगे, जिनमें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, पाथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, डर्मेटोलॉजी, मनोरोग, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, रेडियो डायग्नोसिस, रेडियोथेरेपी, नेत्र और दंत चिकित्सा शामिल हैं। फॉरेंसिक विभाग अपराध विश्लेषण में वैज्ञानिक सहयोग भी देगा।
हेल्थ सेंटर भी होंगे स्थापित
मेडिकल कॉलेज के साथ दो हेल्थ सेंटर – एक ग्रामीण और एक शहरी भी स्थापित किए जाएंगे। इससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
प्रदेश में बढ़ रहे मेडिकल कॉलेज
राज्य सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 50 मेडिकल कॉलेज खोलने का है। वर्ष 2023 में प्रदेश में सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर करीब 30 हो चुके हैं। अगले वर्ष तक यह संख्या 36 और आगे 50 तक पहुंचने की संभावना है। सरकार निजी निवेशकों को भी बढ़ावा दे रही है और 25 एकड़ भूमि प्रतीकात्मक 1 रुपए की दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
