उज्जैन: रिश्ता तय होने के बाद युवक के परिवार ने दुल्हन के परिवार को डेढ़ लाख रुपए दिये। मंदिर में शादी के बाद दुल्हन दूसरे दिन लापता हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला भाटपचलाना थाना क्षेत्र के ग्राम खरसौदकला का है। जहां रहने वाले रतनलाल सेन को अपने पुत्र जितेन्द्र की शादी के लिये लडक़ी की तलाश थी। रतनलाल का संपर्क 14 अगस्त को खाचरौद की रहने वाली विष्णुबाई धाकड़ हुआ। उसने रिश्ता तय कराने की बात कहीं और लडक़ी का परिवार गरीब होने पर शादी के खर्च के लिये डेढ़ लाख देने की बात कहीं।
रतनलाल अपने पुत्र के साथ लडक़ी देखने खाचरौद पहुंचा। जहां विष्णुबाई ने लडक़ी दिखाई। जितेन्द्र को लडक़ी पसंद आने पर पिता रतनलाल ने रिश्ता तय कर दिया। 2-3 दिन पहले विष्णुबाई अपने पति रामचंद्र धाकड़, दुल्हन नेहा उसकी मौसी आशा और भाइयों के साथ खरसौदकला पहुंची और डेढ़ लाख रुपए प्राप्त कर नेहा को जितेन्द्र के परिवार को सौंप दिया। दुल्हन मिलने पर परिवार ने मंदिर में शादी रचा ली। 20-21 की रात दुल्हन लापता हो गई। जितेन्द्र के पिता रतनलाल ने दुल्हन के दूसरे दिन भागने की शिकायत थाने पहुंचकर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरोह की तलाश शुरू की है।
एक टीम खाचरौद और नागदा भेजी गई। नागदा से लुटेरी दुल्हन नेहा उर्फ पूजा पति विनोद और उसके भाई राजू उर्फ जस्सू बागरी को गिरफ्तार किया। वहीं खाचरौद से रिश्ता तय करने वाली विष्णुबाई और उसके पति रामचंद्र धाकड़ को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह चौधरी के अनुसार मामले में लुटेरी दुल्हन का पति विनोद और मौसी आशाबाई फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है। गिरोह द्वारा दिए गए डेढ़ लाख रुपए में से 40 हजार बरामद कर लिए गए हैं। शेष रुपए पति और मौसी की गिरफ्तारी के बाद बरामद किए जाएंगे। फिलहाल गिरफ्त में आए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
