सेंधवा: हाईवे पर अवैध बायोडीजल विक्रय की खबर सामने आने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण किया। लेकिन भनक लगते ही कारोबारियों ने सारी सामग्री हटवा दी, अधिकारी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए।मुंबई-आगरा राजमार्ग पर ठीकरी क्षेत्र में अवैध बायोडीजल विक्रय के गोरखधंधे का नवभारत ने 23 अगस्त को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी सक्रिय हुए और हाईवे के तीन से चार ढाबों और यूरिया पाइंटों पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। हालांकि अधिकारियों के आने की जानकारी कारोबारियों तक पहुंच गई। ऐसे में ढाबों और खुले मैदानों के पीछे बने टैंकों और अवैध बायोडीजल से भरे ड्रम व कोठियों को पूरी तरह हटा दिया गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
बता दे कि स्थानीय स्तर पर ट्रकों से निकाले गए डीजल को बायोडीजल के नाम पर सस्ते दामों में बेचा जा रहा था। यह ईंधन कई वाहनों में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार यह डीजल मानक से बेहद नीचे और मिलावटी है। करीब दो से तीन साल पहले प्रशासन ने ठीकरी से जुलवानिया तक कार्रवाई करते हुए कई अवैध पंप सील किए थे। लेकिन कुछ ही समय बाद यह गोरखधंधा फिर से शुरू हो गया। सख्त निगरानी और ठोस कार्रवाई के अभाव में यह कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है।
करेंगे औचक निरीक्षण
ठीकरी तहसीलदार जगदीश वर्मा ने बताया कि अवैध बायोडीजल विक्रय की शिकायत पर 3 से 4 स्थानों पर मौका मुआयाना किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। अवैध काम करने वालों ने सबकुछ हटवा दिया था। औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे।
