
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने संविदा अवधि न बढ़ाने के आदेश पर रोक लगा दी है। इसी के साथ जनपद पंचायत हटाए दमोह में सहायक लेखा अधिकारी के रूप में पदस्थ रखने की राहत प्रदान कर दी।
याचिकाकर्ता हटा निवासी मनेाज कुमार अहिरवार की ओर से अधिवक्ता रत्नभारत तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि समीक्षक अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर प्रतिवर्ष संविदा अवधि बढ़ाई जाती थी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह द्वारा समीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर याचिकाकर्ता की संविदा अवधि न बढ़ाए जाने का आदेश पारित करते हुए सेवा समाप्ति का आदेश पारित कर दिया। नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिए जाने के नैसर्गिक सिद्धांत तक का पालन नहीं किया गया। इसीलिए हाईकोर्ट की शरण ली गई है। आपत्ति का एक बिंदु यह भी है कि समीक्षक की रिपोर्ट में मनमानी काट छांट करते हुए संविदा न बढ़ाने और सेवा समाप्त करने का निर्णय ले लिया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त राहतकारी आदेश दिया।
