पद रिक्त नहीं है तो पंद्रह दिन में करें व्यवस्था

जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि ट्रायबल विभाग यह कहकर याचिकाकर्ता का दावा निरस्त नहीं कर सकता कि स्कूल में पद रिक्त नहीं है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने विभाग को कहा कि यदि रीवा की कन्या शाला में पद रिक्त नहीं हो तो भी उसकी व्यवस्था करें और याचिकाकर्ता को वहां पदस्थापना दें। न्यायालय ने इसके लिए 15 दिन की मोहलत दी है।

सीधी निवासी सुनील मिश्रा की ओर से अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वह शिक्षक के पद पर पदस्थ है। याचिकाकर्ता की पत्नी रीवा में शिक्षक है। याचिकाकर्ता ने इस संबंध में ट्रायबल विभाग को अभ्यावेदन दिया था, लेकिन यह कहकर निरस्त कर दिया कि अभी तबादलों पर बैन लगा है। विभाग ने यह भी कहा कि जैसे ही बैन हटेगा, याचिकाकर्ता को वहां पदस्थ कर दिया जाएगा।

न्यायालय ने पूर्व में विभाग को यह आदेश भी दिए थे कि रीवा कन्या शाला में एक पद रिक्त रखा जाये, ताकि जब बैन हटे तो याचिकाकर्ता को वहां पदस्थ किया जा सके। दलील दी गई कि कोर्ट आदेश के बावजूद विभाग ने उक्त स्कूल में किसी अन्य शिक्षक का तबादला कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब जून 2025 में बैन हट गया था, तो विभाग याचिकाकर्ता को पदस्थापना देने के लिए बाध्य था। इस मत के साथ न्यायालय ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।

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