
सीधी। संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के दुबरी परिक्षेत्र की खरबर बीट में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से नर बाघ टी-43 की मौत हो गई। घटना 19 अगस्त की रात हुई, जब ग्रामीणों द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए बिछाए गए बिजली के तार में बाघ फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विवेचना तेज कर दी गई है। संदिग्ध ग्रामीणों की पहचान के लिए खोजी कुत्ते की मदद ली जा रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बाघ टी-43 का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों की टीम ने किया, जिसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि संजय टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन करंट प्रवाहित तार और शिकार की घटनाएं बाघ संरक्षण के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं।
