भैरूंदा: सेटेलाईट सर्वेे बोरखेड़ा और मुहाई के किसानों के लिए मुुसीबत बन गया हैै. किसानों को दो बार से खराब हुई सोयाबीन की फसल का अब तक बीमा क्लेम नहीं मिला है. पटवारी ने खेतों में प्राकृतिक आपदा के कारण 83 प्रतिशत नुकसान का आंकलन किया था. इसके बावजूद क्षेत्र के दो हजार से अधिक किसानों के करोड़ों रुपए अटके हुए हैं.
बोरखेड़ा मुहाई गांव केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांसदीय क्षेत्र के भैरूंदा तहसील में आते हैं. बीमा राशि से वंचित किसानों ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर बालागुरू को परेशानियां बताई तो संबंधित अधिकारी ने किसानों को बताया कि सेटेलाईट में कुुछ तकनीकी खराबी के कारण आपके खेतों का सर्वे ही नहीं हो पाया है.
किसानों ने बताया कि बीते दिनों राजस्थान के झुनझुनु से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्ष 23 से 24 और 24 से 25 के मध्य ओलावृष्टी अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों की बीमा क्लेम राशि किसानों के एकाउंट में डलवाई गई थी. आसपास के सभी गांवों के किसानों को बीमा क्लेम की राशि मिल गई है.
लेकिन दो हजार की आबादी वाले बोरखेड़ा और मुहाई के किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिला है. हमारे बैंक खातों से बीमा कंपनी के द्वारा बराबर बीमे की प्रीमियम की राशि भी काटी गई. लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के किसानों की लगभग तीन हजार एकड़ में बोई गई सोयाबीन की फसल खराब होने पर हमें बीमा क्लेम की राशि नहीं दी गई.
