शाह ने आपदाओं की समय पूर्व चेतावानी वाली ‘सचेत ऐप’ के प्रचार-प्रसार पर बल दिया

नयी दिल्ली 19 अगस्त (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदाओं की समय पूर्व चेतावानी देने वाली ‘सचेत ऐप’ के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार पर बल दिया है।

श्री शाह ने मंगलवार को यहां ‘आपदा प्रबंधन एवं क्षमता निर्माण’ पर गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि 2014 से पहले आपदा प्रबंधन के प्रति राहत-केंद्रित नीति थी, जिसे मोदी सरकार ने बचाव केन्द्रित बनाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई बड़े नीतिगत और संस्थागत फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की डिजास्टर रिस्पॉन्स की नीति क्षमताओं का निर्माण, तीव्रता, दक्षता और सटीकता के चार पिलर्स पर आधारित है। इसके परिणामस्वरूप आपदाओं से काफी बचाव हुआ है, जहां 1999 में ओडिशा में आए महाचक्रवात में 10,000 लोगों की जान गई थी, जबकि गुजरात में 2023 के बिपरजॉय और 2024 में ओडिशा के दाना में हताहतों की शून्य रही।

गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मोदी सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप चक्रवातों के कारण होने वाले नुकसान में 98 प्रतिशत और लू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कई राज्यों में हाल की बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि बादल फटने की घटनाओं और भूस्खलन से निपटने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में वित्तीय, संस्थागत और संरचनात्मक सशक्तिकरण के साथ ही मल्टी-डायमेंशनल अप्रोच को अपनाया गया। मोदी सरकार का फोकस आपदाओं से होने वाले नुकसान से लोगों को सुरक्षित रखने का है। प्रधानमंत्री के 10-सूत्रीय एजेंडा के आधार पर 2024 में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक लाया गया था। उन्होंने आपदा से बचाव के बारे में ज़िला और ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता फैलाने की ज़रूरत पर बल दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने पूर्व चेतावनी के प्रसार में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और केंद्रीय जल आयोग अब बाढ़ और चक्रवातों का 7 दिन पहले सटीक पूर्वानुमान देते हैं। लोगों तक अलर्ट पहुँचाने के लिये अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिये केंद्र सरकार ने एस एम एस, तटीय सायरन आदि के माध्यम से पूरे देश में एकीकृत अलर्ट प्रणाली पर आधारित एक ‘कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल’ लागू किया है। गृह मंत्री ने आपदाओं की अर्ली वार्निंग देने वाली ‘सचेत ऐप’ का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार पर बल दिया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने बैठक में ‘आपदा प्रबंधन और क्षमता निर्माण’ जैसे महत्वपूर्ण विषय को उठाने और बहुमूल्य सुझाव देने के लिए समिति के सदस्यों का धन्यवाद किया। समिति के सदस्यों ने भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की सराहना की। गृह मंत्री ने कहा कि आपदाओं की सूचना से सम्बंधित ऐप, गाइडलाइन और 10 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को जारी आपदा फण्ड की जानकारी सभी सांसदों को भेजे जायेंगे।

बैठक में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार, समिति के सदस्य और केंद्रीय गृह सचिव के साथ-साथ गृह मंत्रालय अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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