
प्रियंका सिंह। जिला अस्पताल छतरपुर के मुख्य गेट के बाहर इन दिनों गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के बाहर लगी दुकानों के ठेले संचालक अपना कचरा सीधे गेट के बाहर ही फेंक देते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्वच्छता फैल रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस कचरे में खाने की तलाश में गाय और अन्य जानवर पहुंच जाते हैं और पॉलिथीन समेत गंदगी खा रहे हैं। यह न सिर्फ जानवरों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि, इस समस्या के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी जिम्मेदार हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बाज नहीं आ रहे।
जरूरत है कि दुकानदार और आमजन अपनी जिम्मेदारी समझें और कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें। साथ ही नगर पालिका को भी नियमित सफाई और सख्त निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास स्वच्छता बनी रहे।
