
गुना। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को बेहतर पोषण देने के उद्देश्य से लागू की गई मध्याह्न भोजन योजना का हाल रामपुर के एकीकृत विद्यालय में खस्ताहाल है। योजना का जिम्मा मां शारदा स्व-सहायता समूह को सौंपा गया है, लेकिन संचालक की मनमानी के चलते बच्चे न केवल अधपेट खाना खाने को मजबूर हैं, बल्कि उन्हें थालियां धोने तक की नौबत आ रही है। मंगलवार को नवभारत टीम जब बमोरी ब्लॉक के रामपुर स्थित विद्यालय पहुंची तो स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आई। प्राचार्य ने मौजूद छात्रों की संख्या 175 बताई, जबकि हकीकत यह थी कि रसोई में केवल 50 बच्चों के लिए ही भोजन बनाया गया था। जब इस बारे में रसोइयों से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें उतनी ही सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जितनी एमडीएम संचालक और प्राचार्य की ओर से दी जाती है।
तीन बच्चों के बीच एक थाली
विद्यालय परिसर में बालिका छात्रावास की बच्चियां भी इसी समूह द्वारा परोसे गए भोजन पर निर्भर हैं। यहां स्थिति और भी खराब नजर आई। बच्चियों ने बताया कि स्कूल में पर्याप्त थालियां उपलब्ध नहीं हैं। कई बार तीन बच्चों को एक ही थाली में मिलकर खाना पड़ता है। खाने के बाद वही थालियां बच्चों से ही धुलवाई जाती हैं। यह नजारा देखकर साफ समझा जा सकता है कि जिस योजना का उद्देश्य बच्चों को सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था, वहां अब यह योजना बच्चों के लिए बोझ और अपमान का कारण बन गई है।
योजना की बदहाली का जिम्मेदार कौन?
मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के लिए पोषण और स्वास्थ्य सुधार का बड़ा माध्यम है। सरकार हर बच्चे के लिए पर्याप्त राशि और सामग्री उपलब्ध कराती है, लेकिन रामपुर जैसे विद्यालयों में समूह संचालकों की मनमानी से यह योजना अपने उद्देश्य से भटक गई है। छात्राओं ने बताया कि कभी भोजन समय पर नहीं मिलता, तो कभी मात्रा इतनी कम होती है कि उन्हें अधपेट ही कक्षा में लौटना पड़ता है।
जांच और कार्रवाई की जरूरत
इस पूरे मामले ने न केवल विद्यालय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है बल्कि समूह की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और समाजजनों ने मांग की है कि शासन-प्रशासन इस मामले की जांच करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों का भविष्य और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
इनका कहना है
– इस मामले में मैं कल बीआरसी को भेजकर जांच करूंगा। मौके पर खामी या कमी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। – राजेश गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी गुना
– मध्यान भोजन की व्यवस्था गांव के मां शारदा समूह पर हे अनियमितताओं की जानकारी पूर्व में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को दे गई है बच्चों की थाली धुलना समूह की जिम्मेवारी है पर वह ऐसा नहीं करते।- संजय मराठा, प्राचार्य रामपुर स्कूल
