जबलपुर: भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा कमान संभालने के बाद एक तरफ संगठन के स्थानीय गुटों में चर्चाएं हैं कि भाजपा में अब ऐसा नहीं होगा कि ईमानदारी से काम करने वाले नेता मुंह ताकते रह जाएं और भाजपा के स्थानीय दिग्गज नेता अपने-अपने चहेतों को कार्यकारिणी में जगह दिलवाकर खुश हो जाएं। वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं के बीच ये भी चर्चाएं हैं कि कोई कितना भी प्रयास कर ले, अंत में भाजपा के बड़े चेहरे अपने-अपने चहेतों को कार्यकारिणी में स्थान दिलाने कामयाब हो जाएंगे और ईमानदार कार्यकर्ता, नेता एक बार फिर से ठगा जाएगा।
मतलब स्पष्ट है कि जो पार्टी के परिणामों से अवगत हैं ऐसे असंतुष्ट कार्यकर्ता-नेताओं का रूख तो एक ही है लेकिन संतुष्ट नेता, कार्यकर्ता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के पद संभालने के बाद नया प्रयोग होना बिल्कुल तय मान रहे हैं। खबर है कि जबलपुर पहुंचे भाजपा के दोनों पर्यवेक्षकों ने विधायक, सांसद, निगम,मंडलों के अध्यक्ष व पार्टी के शहर में बड़े चेहरों से मुलाकात भी की है और उनसे अपने-अपने मत मांगे हैं। आने वाले समय में देखना होगा कि नवीन कार्यकारिणी में कौन उपकृत होता है।
पर्यवेक्षकों ने शुरू की कवायद
भारतीय जनता पार्टी और नगर कांग्रेस के अध्यक्षों के अधीन काम करने वाली कार्यकारिणी के गठन की कवायद अब शुरू हो चुकी है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने जबलपुर शहर व ग्रामीण अध्यक्ष के अधीन काम करने वाली कार्यकारिणी के गठन के लिए प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री, शाजापुर के पूर्व जिलाध्यक्ष अम्बाराम कराडा और खरगौन के पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत देडी को पर्यवेक्षक के रूप में जबलपुर भेजा है। भाजपा के दोनों ही पर्यवेक्षक शहर और ग्रामीण भाजपा संगठन की कार्यकारिणी के गठन के लिए भाजपा के स्थानीय शहर के और ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों द्वारा की गई तहकीकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को वो सूची सौंपी जाएगी जिनकी कार्यकारिणी में दावेदारी अधिक होगी। इसके बाद भाजपा की जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों का ऐलान होगा।
