
गुना। हाल ही में हुई भारी बरसात और उससे पैदा हुए जलभराव ने शहरवासियों को बड़ी परेशानी में डाल दिया था। बाढ़ जैसी स्थिति ने साफ कर दिया कि गुनिया नदी और शहर के नालों में अतिक्रमण और गहराई की कमी ने हालात को और बिगाड़ दिया। इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने अब व्यापक स्तर पर गुनिया नदी और नालों के गहरीकरण के साथ अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम शुरू कर दी है। यह अभियान सोमवार सुबह से शुरू हुआ और इसकी शुरुआत भगत सिंह कॉलोनी से की गई, जहां बीते दिनों बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी देखी गई थी।
मौके पर मौजूद रही भारी मशीनरी और अफसरों की टीम
अभियान की शुरुआत होते ही प्रशासन ने बड़ी संख्या में मशीनरी तैनात कर दी। पोकलेन, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से नाले की खुदाई और सफाई का काम शुरू किया गया। इस दौरान कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। कलेक्टर ने मौके पर कहा कि हाल में आई भीषण बारिश ने हमें सचेत किया है। यदि अब भी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
कार्रवाई से पहले हुई समीक्षा बैठक
अभियान शुरू होने से पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसमें तय किया गया कि सुबह 10 बजे से गहरीकरण और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू होगी। बैठक के बाद अपर कलेक्टर अखिलेश जैन ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम शिवानी पांडे, तहसीलदार जीएस बेरवा, प्रभारी सीएमओ मंजूषा खत्री और पीडब्ल्यूडी के ईई केएस उइके सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
ड्रोन सर्वे से होगी निगरानी
निरीक्षण के दौरान अफसरों ने गोपालपुरा तालाब से निकलने वाले पानी की निकासी के मार्गों का जायजा लिया और पूरे क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए। भगत सिंह कॉलोनी से लेकर एबी रोड तक जिन स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण किया गया है, उन पर एनजीटी के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने साफ किया कि यह कार्रवाई एक दिन की नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से लगातार चलेगी। लक्ष्य सिर्फ नालों और नदियों को साफ करना नहीं, बल्कि शहर की जल निकासी प्रणाली को व्यवस्थित करना है ताकि लोगों को सुरक्षित और सुचारू वातावरण मिल सके।
