मुख्य मार्गो पर सड़क के उखडने से राहगीर परेशान

ब्यावरा। बदहाल सड़क, पुल, पुलियाओं की हालत बारिश में और भी बदहाल हो गई है, बीच-बीच में विभाग द्वारा पेंचवर्क कराया गया किंतु यह पेंचवर्क कुछ घंटे भी नहीं टिक पाया. ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों पेंचवर्क के नाम पर औपचारिकता निभाई गई. पेंचवर्क के बाद सड़को के वही हाल है. विशालकाय गड्ढे, उखड़ी सड़को पर चहुंऔर गिट्टी बिखरी पड़ी है जिससे राहगीरों को आवागमन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.

जुलाई माह के आखिरी दिनों में कई दिनों तक हुई तेज बारिश ने सड़को को बुरी तरह उखाड़ दिया. पानी के प्रहार से सड़क, पुल, पुलिया बुरी तरह उखड़ गये. सिविल अस्पताल रोड पुल, इंदौर नाका का पुराना पुल, राजगढ़ रोड, सुठालिया बायपास पर कई जगह रोड उखड़ गया है.

बेहतर पेंचवर्क दे सकता राहत

यदि उखड़े मार्ग पर बेहतर तरीके से मजबूती के साथ पेंचवर्क कर दिया जाये तो इससे काफी कुछ राहत आवागमन में मिल सकती है. किंतु पेंचवर्क के नाम पर उखड़े रोड पर ऊपर ही ऊपर मिट्टी, मुरम, गिट्टी या अन्य मटेरियल डाल दिया जाता है जो कि वाहनों के पहिए, तेज बारिश से उखड़ जाता है. हालात यह है कि पेंचवर्क के कुछ घंटे बाद ही गिट्टी, मुरम बिखरी नजर आती है. यदि यही पेंचवर्क गुणवत्ता पूर्ण तरीके से मजबूती के साथ किया जाये तो यह अधिक समय तक टिकेगा और आवागमन में सुविधा होगी.

अस्पताल रोड पुल पर जोखिम

सिविल अस्पताल रोड स्थित नदी पुल बुरी तरह उखड़ गया है. यहां से आवागमन में काफी जोखिम बना रहता है. जबकि काफी व्यस्त यातायात यहां है. दुपहिया वाहन चालक, पैदल राहगीर जैसे-तैसे जोखिम उठाकर पुल पार कर पा रहे है. खासकर दुपहिया वाहनों जरा भी अनियंत्रित होने पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

सुठालिया बायपास की फजीहत

स्थानीय सुठालिया बायपास की दयनीय स्थिति खुद ब खुद मार्ग की दुर्दशा को बयां कर रही है. मार्ग उखड़ कर उस पर पानी भरा हुआ है जो किसी मिनी तालाब सा नजर आता है. नाली नहीं होने, पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बायपास मार्ग की अधिक दुर्दशा हुई है. करोड़ो की लागत से बना रोड आज बदहाली में है.

 

 

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