
नासिक, 31 जनवरी (वार्ता) आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के मद्देनजर महाराष्ट्र के नासिक में तैयारी जोरो पर है। शहर में यातायात, बस संचालन, मानवशक्ति परिनियोजन और तकनीक के प्रयोग को मज़बूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण की एक बैठक में प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह की अध्यक्षता में यातायात नियोजन की पूरी समीक्षा की गयी। इस बैठक में राज्य परिवहन निगम के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, प्रबंध निदेशक (परिवहन) नितिन मेंड, प्रबंध निदेशक दिनेश महाजन, उप-प्रबंध निदेशक चेतन हसबानिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान बताया गया कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के परिवहन के लिए लगभग 4,500 बसें लगाने की योजना बनायी जा रही है। त्र्यंबकेश्वर, जव्हार फाटा, निमानी, वाणी और नासिक हाईवे पर प्रमुख बस स्टेशनों का पुनरुद्धार और नवीनीकरण किया जाएगा। इन बनियादी कामों के लिए प्रशासनिक मंज़ूरी पहले ही मिल चुकी है। जल्द ही काम के आदेश जारी किए जाएंगे। बैठक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के तहत प्रस्तावित अवसंरचना कामों की विस्तार से समीक्षा की गयी।
सप्तश्रृंगी गढ़ में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के कारण होने वाली देरी से बचने के लिए शर्तों के साथ टेंडर (निविदा) जारी करने की संभावना पर भी चर्चा की गयी। अनुमान है कि कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु नासिक और त्र्यंबकेश्वर आएंगे। शहर में रेल और सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था की जाएगी।
यह तय किया गया है कि बसों, रूट नियोजन और आपूर्ति प्रबंधन से संबंधित विस्तृत योजनाएं महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के केंद्रीय स्तर पर की जाएंगी। जनवरी 2027 से शुरू होने वाले कुंभ मेले से छह महीने पहले नासिक में राज्य सड़क परिवहन निगम के यांत्रिक और प्रशासनिक पर्यवेक्षी अधिकारियों को नियुक्त करने का फैसला किया गया। उन्हें स्थानीय भौगोलिक स्थितियों और प्रक्रियाओं से परिचित कराने के लिए पहले से प्रशिक्षण और रोल तय किए जाएंगे। मीटिंग में यह साफ किया गया कि तबादले के बाद भी नियुक्तियों की निरंतरता बनी रहेगी।
प्रशासनिक निर्देशों को लागू करने के लिए हर खंड में अलग-अलग कुंभ मेला सेल स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
