न्यूयॉर्क, 16 अगस्त (वार्ता/शिन्हुआ) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका के अलास्का में हुए रूस-अमेरिका शिखर सम्मेलन का स्वागत किया है। यह जानकारी श्री गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दी।
श्री दुजारिक ने कहा ”हमने अलास्का में शुक्रवार को अमेरिका और रूसी संघ के राष्ट्रपतियों के बीच हुई शिखर वार्ता पर ध्यान दिया है। हम सदस्य देशों के बीच निरंतर रचनात्मक संवाद का स्वागत करते हैं।”
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि कोई भी शांति प्रयास या समझौता संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए जिसमें यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि श्री गुटेरस ने यूक्रेन में शांति की दिशा में पहला कदम उठाते हुए तत्काल पूर्ण रूप से बिना शर्त युद्धविराम का अपना आह्वान दोहराया है।
प्रवक्ता के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र इस दिशा में सभी सार्थक प्रयासों का समर्थन करता है। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शिखर बैठक अलास्का के एंकोरेज स्थित एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन सैन्य अड्डे पर हुई। यह वार्ता लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक में रूसी पक्ष की ओर से रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव तथा अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भाग लिया।
इस बीच श्री दुजारिक ने कहा ”हम एक न्यायसंगत, स्थायी और व्यापक शांति स्थापित करने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए तत्काल, पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम चाहते हैं जो यूक्रेन की संप्रभुता, उसकी क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा के अंदर यूक्रेन की स्वतंत्रता को बरकरार रखे तथा संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र, अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप हो।”
अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन के बिना बैठक की खबरों के बारे में पूछे जाने पर श्री दुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र के उस सैद्धांतिक दृष्टिकोण को याद किया जिसमें किसी स्थायी समाधान तक पहुxचने के लिए संघर्ष के सभी पक्षों का एक ही मेज पर साथ बैठना मददगार साबित होता है। उन्होंने कहा हम निश्चित रूप से देख रहे हैं कि क्या होता है और इससे क्या निष्कर्ष निकलता है।
यह शिखर सम्मेलन क्षेत्र में बिगड़ती मानवीय परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र राहत समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार दोनो देशाे की शत्रुता के कारण भारी तादाद में नागरिक हताहत हो रहे हैं और घरों एवं अवसंरचना को नुकसान पहुंच रहा है जिससे हज़ारों लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक बयान के अनुसार, सोमवार और बुधवार के बीच 6,000 से ज़्यादा लोगों ने डोनेट्स्क क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के पास स्थित अपने ठिकानों से पलायन किया।

