दक्षिण कोरिया में सैनिकों कीं संख्या में छह वर्षों में आयी 20 प्रतिशत की कमी

सोल, 16 अगस्त (वार्ता) दक्षिण कोरिया में पिछले छह वर्षों में सेना में सैनिकों की संख्या में 20 प्रतिशत की कमी आने से कुल संख्या 450,000 रह गयी है, जिसका मुख्य कारण विश्व में सबसे कम जन्म दर वाले देश में अनिवार्य सेवा के लिए भर्ती होने की आयु वाले पुरुषों की जनसंख्या में भारी गिरावट और पुरुषों का सेना के प्रति रूझान में कमी आना है।
दक्षिण कोरिया की जन्म दर पिछले एक दशक में काफी गिरी है जिससे क्षेत्रीय खतरों और वैश्विक संघर्षों के बीच सेना के लिए परेशानी पैदा हो गयी हैं।
सीएनएन की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण काेरिया में पिछले छह वर्षों में सैनिकों की संख्या में 20 प्रतिशत की गिरावट आयी है जिसका एक बड़ा कारण युवा पुरुषों की घटती संख्या है और यदि यह जारी रहा तो परिचालन संबंधी कठिनाई उत्पन्न हो सकती है।
इस बीच रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में इस गिरावट के लिए ‘जटिल कारकों’ को ज़िम्मेदार ठहराया गया है जिनमें जनसंख्या में गिरावट और सेना में ‘सैनिकों जैसा कठोर व्यवहार’ होने के कारण पुरूषों में सैन्य अधिकारी बनने की इच्छा में आयी कमी भी शामिल है।
हालाँकि रिपोर्ट में इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 के 5,63,000 की तुलना में इस वर्ष जुलाई तक सैनिकों की कुल संख्या 4,50,000 रह गयी है।
पिछले सप्ताह सांसद चू मी-ए द्वारा साझा की गई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि अगर स्थायी सेना (सदस्यों) की संख्या में गिरावट जारी रही तो उच्च-स्तरीय जनशक्ति हासिल करना और परिचालन संबंधी कठिनाई उत्पन्न हो सकती है
यह खबर पश्चिमी देशों के प्रमुख सहयोगी दक्षिण कोरिया के लिए उस बुरे समय में आई है जबकि उसके यहां बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और उसकी अमेरिका के साथ पारस्परिक रक्षा संधि भी है।
दक्षिण कोरिया के पड़ोसी उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के साथ अग्रिम मोर्चे पर रूस की ओर से लड़ने के लिए हज़ारों सैनिक भेजे हैं जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि रूस बदले में उत्तर कोरिया के साथ उन्नत सैन्य तकनीक साझा कर सकता है। हालांकि ऐसा करना अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा।
इस बीच उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी ‘शत्रुतापूर्ण’ बयानबाजी जारी रखी है। उसने हमला होने पर दक्षिण कोरिया को परमाणु हथियारों से तबाह करने की धमकी देते हुए चेतावनी दी है कि दक्षिण कोरिया उसका कट्टर दुश्मन है।
विशेषज्ञों ने हालांकि उत्तर कोरिया की शत्रुतापूर्ण बयानबाजी को यह तर्क देते हुए खारिज कर दिया कि इसका मतलब यह नहीं कि उसकी सेना बेहतर स्थिति में है।
इसके विपरीत उत्तर कोरिया भी जनसंख्या संबंधी समस्याओं और जन्म दर में गिरावट का सामना कर रहा है । वह तकनीकी क्षेत्र में भी दक्षिण कोरिया से बहुत पीछे है जो अब नवीन माध्यमों से सैन्य भर्तियों में कमी को पूरा करने की उम्मीद कर रहा है।
सांगम्यंग विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रोफ़ेसर चोई ब्युंग-उक ने कहा, “पारंपरिक हथियारों के मामले में दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया से कहीं आगे है। हमारे पास अभी कम सैनिक हैं लेकिन मैं इसे ‘छोटी लेकिन मज़बूत सेना’ कहना पसंद करता हूँ। हमें यही बनना है।”
इस बीच जमीनी स्तर पर उत्तर कोरिया कुछ बेहतर स्थिति में हैं जैसे कि यह दुनिया के सबसे अधिक सैन्यीकृत देशों में से एक है जिसमें सशस्त्र बल कर्मियों की संख्या 13 लाख है जो दक्षिण कोरिया की सैन्य संख्या से लगभग तीन गुना अधिक है।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर कोरिया की प्रजनन दर भी बहुत अधिक है। प्रजनन दर को एक महिला द्वारा उसके जीवनकाल में पैदा किए गए बच्चों की औसत संख्या के रूप में परिभाषित किया गया है। 2025 में उत्तर कोरिया में महिलाओं की प्रजनन दर 1.77 रही जबकि दक्षिण कोरिया की दर 0.75 ही थी।

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