उर्वरक संकट से आक्रोशित किसानों ने सडक़ पर किया विरोध प्रदर्शन

सतना : खरीफ की बुआई के महत्वपूर्ण समय में उर्वरक के संकट ने किसानों को इस कदर आक्रोशित कर दिया कि उन्होंने राजमार्ग व राज्यमार्ग को बाधित करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरु करना पड़ गया. किसानों के विरोध्ण प्रदर्शन जैसे संवेदनशील मामले के साथ-साथ यातायात व्यवस्था चरमराती देख प्रशासन और पुलिस अधिकारी फौरन हरकत में आ गए. लंबी चली समझाइस और आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों का गुस्सा किसी तरह कम हो सका.

खरीफ की फसल बोई जा चुकी जिसके चलते अब खेतों में छिडक़ने के लिए किसानों के लिए खाद अब अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है. अधिकांश किसानों का रुझान यूरिया को लेकर ही बना रहता है. खरीफ के मौसम में एक ओर जहां खाद की मांग पीक पर पहुंच जाती है. वहीं दूसरी ओर आपूर्ति अपेक्षाकृत कम रहती है. जिसके चलते खाद का संकट गहराने लगता है. जिसके चलते दो दिन पहले ही मैहर जिल में खाद की मांग को लेकर किसानों द्वारा राजमार्ग बाधिक कर विरोध प्रदर्शन किया गया था. इसी कड़ी में जिले के नागौद क्षेत्र में खाद संकट से गुस्साए किसान सडक़ पर आ गए.

देखते ही देखते किसानों ने एनएच 39 सतना-पन्ना मार्ग को बाधित कर दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे. किसानों का कहना था कि वे आधी रात से ही उर्वरक वितरण केंद्र में पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं. लेकिन इसके बावजूद भी अगला दिन बात जाने पर भी उनका नंबर नहीं आ पता है. उर्वरक मिलने के बजाए उन्हें टोकन मिल जाता है जिस पर 4-5 दिन आगे की तिथि अंकित होती है. खरीफ के ऐसे महत्वपूर्ण समय में खाद न मिलने की वजह से उनकी फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है. इतना ही नहीं बल्कि हर रोज वितरण केंद्र में लाइन लगाकर खड़े रहने से जहां उनका समय बगर्बाद हो जाता है वहीं उनका काफी पैसा किराए-भाड़े में खर्च हो जाता है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नागौद जितेंद्र वर्मा और एसडीओपी नागौद रघु केसरी मौके पर पहुंच गए. किसानों से चर्चा करते हुए उन्हें जानकारी दी गई कि उर्वरक की आपूर्ति लगातार हो रही है. जिसके चलते जिले का कोई भी किसान खाद से मरहूम नहीं रहेगा. उपलब्ध स्टॉक के आधार पर टोकन दिया जा रहा है. यदि किसान सहयोग करेंगे तो किसी को कोई परेशानी नहीं होगी. लंबी चली समझाइस के चलते किसानों का गुस्सा काफी हद तक कम हो गया, और वे राजमार्ग से हटने को राजी हो गए.
वसूली जा रही दोगुनी कीमत
सतना-चित्रकूट मार्ग पर शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थि मर्कफेड केंद्र में ही गुरुवार को हंगामाई हालत बने रहे. सुबह 4 बजे से लाइन में लगे किसानों को जब खाद के बजाए 4 दिन बाद का टोकन मिलने लगा तो उनका आक्रोश भडक़ गया. जिसके चलते किसान सडक़ पर आ गए और मार्ग बाधित करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे. किसानों का कहना था कि वितरण केंद्रों पर उर्वरक नहीं मिलता है और जब वे निजी दुकानदारों से खरीदते हैं तो यूरिया खाद के लिए 266.50 रु के बजाए उनसे 500-600 रु वसूले जाते हैं. इतना ही नहीं बल्कि डीएपी खाद उन्हें 2-2 हजार रु में बेची जा रही है. इसी कड़ी में किसान गोविंद राम और मनभरन बागरी ने कहा कि किसान बहुत परेशान हैं. किसानों को इस सरकार की कोई परवाह नहीं है. केवल चुनाव के समय किसानों की याद आती है.
एसडीएम ने दिया आश्वासन
सिविल लाइन स्थित वितरण केंद्र में किसानों के हंगामे की जानकारी मिलने पर एसडीएम रघुराजनगर राहुल सिलाडिय़ा मौके पर पहुंच गए. एसडीएम से चर्चा के दौरान किसानों ने निजी विक्रेताओं द्वारा खाद की दोगुनी कीमत वसूले जाने की शिकायत की. जिस पर एसडीएम ने आश्वस्त किया कि इस मामले से संबंधित कोई वीडियो सामने आता है तो वे संबंधित विक्रेता के विरुद्ध न सिर्फ प्रकरण दर्ज कराएंगे बल्कि किसानों को वहां से दो बोरी उर्वरक भी नि:शुल्क दिलाएंगे. लेकिन वीडियो न होने की बात कहकर किसान पीछे हट गए. इसी कड़ी में जिला विपणन अधिकारी नेहा तिवारी ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में यूरिया की 3 रैक प्राप्त हुई है. एक रैक फस्टमैटिक भी भी प्राप्त हुई है. किसानों को बिलकुल घबराने की आश्यकता नहीं है. सभी किसानों को उर्वरक मिलेगा

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