ग्वालियर: ग्वालियर की सेंन्ट्रल लायब्रेरी में भारतीय संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति सुरक्षित है जिसे आम जनता के दर्शन के लिये प्रदर्शित किया गया। यह प्रति संविधान की उन 16 मूल प्रतियों में से एक है जो 26 नवम्बर 1949 को तैयारी की गयी थी। भारत सरकार ने यह प्रति सिंधिया राजबंश को उपहार स्वरूप दी थी।म्हाराज बाड़े स्थित सेंट्रल लायब्रेरी में संरक्षित यह प्रति भारतीय लोकतंत्र और इतिहास का अमूल्य दस्तावेज मानी जाती है। इसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत संविधान सभा के 256 सदस्यों के हस्ताक्षर है।
सेंट्रल लायब्रेरी के प्रबंधक विवेककुमार सोनी ने बताया कि यह बड़ी गौरव की बात है कि संविधान की 16 प्रतियों में से एक हमारे पास संरक्षित है। इसे आज के दिन के अलावा हर साल 26 नवम्बर (संविधान दिवस) को ही आम जनता के लिये देखने के लिये रखा जाता है। इस साल संविधान की प्रति को लोगों को फिजिकल और डिजीटल फॉर्मेट में बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ही दिखाया गया। इसे देखने के लिये ग्वालियर समेत आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचे। कई लोगों ने इस प्रति को दंडवत प्रणाम किया और सेल्फी भी ली।संविधान की प्रति देखने आए लोगों ने कहा, हम खास तौर से समय निकालकर इसे देखने आए हैं। यह गर्व की बात है कि इतनी ऐतिहासिक प्रति ग्वालियर में संरक्षित है।
