नयी दिल्ली, 15 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से कहा कि सिंधु जल हमारा है और इसका समझौता अन्यायपूर्ण था।
श्री मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि सिंधु का जल हमारे दुश्मन के खेतों को सींच रहा है। सिंधु जल हमारा है और जो समझौता किया गया था वह अन्यायपूर्ण था।
उन्होंने कहा खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। मेरे देश की धरती प्यासी है। सिंधु के पानी पर भारत का हक है। हिन्दुस्तान को अपने हक के पानी पर अधिकार है । भारत इस समझौते को वर्तमान स्वरूप में आगे नहीं मानेगा। अपने किसानों और राष्ट्रहित में सिंधु समझौता हमें मंजूर नहीं है।
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद पर भारत से नये सख्त रवैये पर जोर देते हुए कहा कि इस संबंध में सेना जो तय करेगी उन लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत परमाणु धमकी में आने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा ”भारत दशकों से आतंकवाद को झेलता आया है अब हम आतंकवाद का समर्थन करने वाले और आतंकवादियों को अलग अलग नहीं मानेंगे। आतंकवादी मानवता के दुश्मन हैं हम परमाणु हमले की धमकियों को नहीं मानेंगे। अब न्यूक्लियर ब्लैक मेल नहीं सहा जायेगा।”
