
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मियों ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को ज्ञापन सौंपकर सातवां वेतनमान लागू कराने की मांग की। उनके साथ पूर्व विधायक प्रवीण पाठक भी मौजूद रहे।
कर्मचारी संघ अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में 25-30 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को सितंबर 2016 से स्थायी कर्मी का दर्जा तो दिया गया लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया और न ही सातवें वेतनमान का लाभ मिला है। उच्च न्यायालय द्वारा भी कर्मचारियों के पक्ष में कई बार नियमितीकरण के आदेश दिए जा चुके हैं, फिर भी प्रशासन ने इन्हें लागू नहीं किया। स्थायी कर्मियों को अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रेणी में बांटकर वेतनमान तो तय हुआ, लेकिन 50 फीसदी कर्मियों का वेतनमान तय सीमा पार कर चुका है, फिर भी उन्हें वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि 5 महीने बाद शासन के कर्मचारियों को 8वें वेतनमान का भी लाभ मिल जाएगा, परन्तु स्थायी कर्मियों को 6 वें वेतनमान से भी कम का वेतन प्राप्त हो रहा है। कर्मचारियों ने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया कि उनकी आर्थिक तंगी को देखते हुए सातवें वेतनमान का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह, सचिव द्वारिका प्रसाद झा, संयुक्त सचिव जयराम रजक, कोषाध्यक्ष दिलीप कुशवाह सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
