नयी दिल्ली 14 अगस्त (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आदिवासी समुदायों के 30 मेधावी छात्रों के साथ बातचीत की और उनसे राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने की दिशा में काम करने को कहा।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये बच्चे अंडमान और निकोबार कमान की सात दिन की राष्ट्रीय एकता यात्रा “ आरोहण: द्वीप से दिल्ली” के अंतर्गत यहां आये हैं। ये छात्र कल लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के भी साक्षी बनेंगे।
छात्रों के साथ बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री ने मानवीय मूल्यों के महत्व पर ज़ोर दिया और उन्हें व्यक्ति के चरित्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। उन्होंने छात्रों से मानवीय मूल्यों में दृढ़ रहने और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अपने चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ज़ोर देने का आह्वान किया।
श्री सिंह ने छात्रों से हर चुनौती का आत्मविश्वास और निडरता से सामना करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को आने वाले समय में भारत को सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।
बातचीत के दौरान प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और एकीकृत रक्षा स्टाफ के अध्यक्ष एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी उपस्थित थे।
‘आरोहण द्वीप से दिल्ली’ की यात्रा का उद्देश्य दूरस्थ द्वीप समुदायों के युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और शैक्षणिक अवसरों से परिचित कराना है। इस यात्रा कार्यक्रम में लाल किला, इंडिया गेट, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और ताजमहल जैसे प्रतिष्ठित स्थलों के साथ-साथ दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र जैसे प्रमुख संस्थानों का भ्रमण भी शामिल है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने और द्वीपसमूह के भावी नेताओं को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
