सीहोर। खरीफ सीजन की बोवनी के बाद से किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं, अब बारिश की कमी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है. कई दिनों से वर्षा न होने से फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। सोयाबीन में पीला मोजेक व अन्य कीट रोग तेजी से फैल रहे हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार सफेद मक्खी के हमले से रोग बढ़ रहा है, जिससे 20 फीसदी फसल पहले ही खराब हो चुकी है.
किसान प्रशासन से सर्वे कर बीमा राशि व मुआवजा मांग रहे हैं. अमानक बीज, नकली दवाओं और मौसम की मार ने उपज को बुरी तरह प्रभावित किया है.छापरी गांव में महिलाओं ने बर्बाद सोयाबीन हाथ में लेकर प्रदर्शन भी किया.
कृषि विभाग सूत्रों के मुताबिक सीहोर और इछावर तहसील के कई गांवों में कीट प्रकोप गंभीर है. तापमान वृद्धि से फूल झुलस गए हैं और इल्लियों का प्रकोप भी बढ़ा है.
विशेषज्ञों ने किसानों को 3-4 दिन में फसलों की निगरानी, संक्रमित पत्तियों को नष्ट करने और बीटासाइलोथ्रीन, इम्मीडाक्लो प्राइड, थायोमेथाजाम या लेमडासायलोथ्रीन जैसी दवाओं के साथ करंज/नीम तेल का छिड़काव करने की सलाह दी है, ताकि रोग और कीटों पर नियंत्रण पाया जा सके.
