फर्जी छात्र बता कर निकाले 12 लाख

इंदौर. छात्रवृत्ति योजना के नाम पर एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. क्राइम ब्रांच ने मदरसे और स्कूलों के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021–22 के दौरान 12 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के नाम पर निकाल ली गई, जो न तो स्कूल में पढ़ते थे और न ही संबंधित कक्षा में थे.

डीसीपी क्राइम राजेशकुमार त्रिपाठी ने बताया कि सहायक संचालक अनिलकुमार सोनी ने शिकायत में बताया था कि स्नेहलतागंज स्थित एक स्कूल, हिना पैसेल के एक मदरसे और खजराना के एक अन्य स्कूल में यह गड़बड़ी सामने आई है. इन संस्थाओं को छात्रवृत्ति पोर्टल पर लॉगिन और पासवर्ड प्रदान किए थे, जिसका दुरुपयोग करते हुए संचालकों ने 9 वीं और 10 वीं कक्षा के नाम पर लाखों रुपए की छात्रवृत्ति निकाल ली, जबकि हकीकत में इन स्कूलों में इस कक्षा के छात्र मौजूद ही नहीं थे. घोटाले का पता चलने के बाद विभागीय जांच कराई गई और फिर क्राइम ब्रांच को पूरा मामला सौंपा. अब पुलिस ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

गौरतलब है कि इससे पहले भी इंदौर में पैरामेडिकल कॉलेजों में छात्रवृत्ति घोटाले का मामला उजागर हो चुका है. तब लोकायुक्त ने कई मामलों में एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट भी दाखिल की थी, हालांकि कुछ मामलों में संस्थानों को क्लीनचिट भी मिली थी. क्राइम ब्रांच अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में किसी विभागीय कर्मचारी की भूमिका रही है या पूरा खेल सिर्फ स्कूल और मदरसा संचालकों तक सीमित है. आगामी दिनों में इस मामले में और खुलासे की संभावना जताई जा रही है.

Next Post

नवलखा और न्यू पलासिया में पेड़ गिरने से वाहनों को नुकसान

Fri Jun 20 , 2025
इंदौर. पहली बारिश में हो रही तेज़ वहा व आंधी ने नगर निगम और बिजली कंपनी की तैयारियों की सच्चाई सामने ला दी. नवलखा चौराहे पर एक पुराना पेड़ भरभराकर गिर गया, जो सड़क किनारे खड़े लोडिंग रिक्शा पर आ गिरा. हादसे में रिक्शा पूरी तरह चकनाचूर हो गया. वहीं […]

You May Like