नयी दिल्ली 13 अगस्त (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तथाकथित धनशोधन मामले में संदीप विर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जाँच के सिलसिले संदीप को हिरासत में लिया है और कहा है कि उसका संबंध रिलायंस कैपिटल के एक पूर्व अधिकारी से था।
रिलायंस कैपिटल के पूर्व अधिकारी ने हालांकि संदीप से किसी तरह के संबंध होने से इनकार किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि उसके अधिकारियों ने संदीप और उसके सहयोगियों के खिलाफ जांच के सिलसिले में 12 और 13 अगस्त को दिल्ली और मुंबई में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। जाँच के दौरान, पाया गया कि वह अवैध संपर्क कार्य के सिलसिले में पूर्ववर्ती रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व निदेशक अंगाराई नटराजन सेतुरमन के संपर्क में थीं। ईडी का कहना है कि श्री सेतुरमन रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से धन के हेर-फेर में भी संलिप्त पाए गए।
ईडी ने संदीपा विर्क को मंगलवार को गिरफ्तार कर घन शोधन संबंधी मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया। अदालत में संदीप को गुरुवार 14 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है।
ईडी के आरोपों पर श्री अंगाराई सेतुरमन ने एक बयान में कहा, “ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।” उन्होंने संदीप विर्क के साथ किसी भी तरह के संबंध या संलिप्तता या उनसे जुड़े किसी भी लेन-देन से दृढ़ता से इनकार किया है।
श्री सेतुरमन ने स्पष्ट किया कि रिलायंस कैपिटल से उन्हें जो गृह ऋण मिला था, वह उचित प्रक्रिया के बाद दिया गया था और जमानत के तौर पर दी गई संपत्ति द्वारा सुरक्षित था।
