
भोपाल। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, इंदिरा भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राज्यसभा सांसद विवेक तनखा, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सह-प्रभारी संजय दत्त एवं रणविजय लोचव, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक उपस्थित रहे।
हरीश चौधरी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया में किए गए बदलाव को लेकर जताई गई आशंकाएं अब सच साबित हो रही हैं। कांग्रेस आम मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
विवेक तनखा ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का काम मतदान को सुगम बनाना है, न कि बाधाएं खड़ी करना। उन्होंने कहा कि 300 से अधिक सांसदों को शांतिपूर्ण मार्च करने से रोकना और राहुल गांधी से हलफनामा मांगना लोकतंत्र पर आघात है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक लाभ-हानि का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा का है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार कैशलेस और पेपरलेस व्यवस्था की बात करती है, तो चुनाव आयोग डिजिटल वोटर लिस्ट जारी करने से क्यों बच रहा है।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है और सिर्फ दो महीने में मतदाता डेटा डिलीट किया जा रहा है। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ देशव्यापी संघर्ष का ऐलान किया।
सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि वोट की रक्षा करना ही लोकतंत्र को बचाना है।
