
सिंगरौली। सरई थाना क्षेत्र के ग्राम गोरा निवासी पुष्पेन्द्र कुमार साहू की अंधीहत्या का पर्दाफाश पुलिस ने 64 दिन बाद कर दिया है। एसपी मनीष खत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई की रात पुष्पेन्द्र खाना खाकर पाही में सोने गया था, लेकिन अगले दिन वापस नहीं लौटा। 19 जुलाई को उसका कंकाल गोरा जंगल के खरहरी नाला से बरामद हुआ, जिसकी डीएनए रिपोर्ट 5 सितंबर को पुष्पेन्द्र से मेल खाई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपी रावेन्द्र साहू का मृतक के घर की महिला से संबंध था, जिससे विवाद और रंजिश बढ़ी। वहीं, रामकुमार व विजय साहू मृतक पर पुराने मामले में सहयोग देने का शक रखते थे, जबकि धीरज साहू को मृतक का उसकी महिला रिश्तेदार से बातचीत करना नागवार गुजरता था। इन सभी ने मिलकर पुष्पेन्द्र की हत्या की साजिश रची।
6 जुलाई की रात चारों आरोपियों ने पाही के पास पुष्पेन्द्र की गला दबाकर हत्या कर शव को जंगल में दफना दिया। धीरज ने मृतक का मोबाइल और चप्पल छिपा दिए। पुलिस ने आरोपियों से गमछा, मोटरसाइकिल, फावड़ा और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। रामकुमार और विजय पहले से ही पचौर जेल में निरुद्ध हैं।
