
पानसेमल। विश्व आदिवासी दिवस पर 8-10 हजार समाजजन की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम हुआ। कृषि उपज मंडी में सभा के साथ शुरुआत हुई, जहां वरिष्ठजनों ने सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर दिया। पारंपरिक वेशभूषा में युवक-युवतियां ढोल-मांदल की थाप पर नृत्य करते हुए चल समारोह में शामिल हुए। इस वर्ष की थीम “आदिवासी लोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता: अधिकारों की रक्षा, भविष्य को आकार देना” रही। जयस संस्थापक विक्रम अच्छालिया, राजेश कनौजे, सुभद्रा परमार सहित कई वक्ताओं ने आदिवासी समाज के अधिकारों, वन अधिकार पट्टों और पंचम अनुसूची पर विचार रखे। समारोह गांधी चौक से पुलिस थाना परिसर तक निकाले गए जुलूस के साथ संपन्न हुआ। समाजजनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
