
,जबलपुर। आदेश चाहे कितने भी जारी हो जाएं, हम तो अपने मन की ही करेंगे….ये बात इन दिनों जबलपुर के अधिकांश दोपहिया वाहन चालकों के ऊपर बिल्कुट फिट बैठते नजर आ रही है। वजह.. सड़कों पर बिना हैलमेट के अभी भी अधिकांश दोपहिया वाहन चालकों का देखा जाना। नवभारत के कैमरे में शहर के अलग-अलग इलाकों की सड़कों में दौड़ रहे दोपहिया वाहन चालकों की जो तस्वीरें कैद हुईं उससे तो साफ था कि जिला कलेक्टर के द्वारा कुछ दिनों पहले वाहन चालकों की ही सुरक्षा के लिए जारी किए गए आदेश से कोई लेना-देना नहीं है। वे खुद अपनी जान की बाजी लगाकर सड़कों पर सिर को बिना सुरक्षित किए वाहन दौड़ा रहे हैं और मजबूरी में कुछ ही चालक अपने पास हैलमेट वाहन की डिक्की में रख रहे हैं, पेट्रोल पंप आते ही वो हैलमेट बाहर निकलता है और पेट्रोल वाहन में भरवाते ही ये हैलमेट गाड़ी के अंदर चला जाता है।
इस कारण जारी किया गया आदेश
जानकारी के अनुसार बीते कुछ माह में जबलपुर जिले के भीतर हुए सड़क हादसों में देखा गया है कि जिन दोपहिया वाहन चालकों ने सिर पर हैलमेट नहीं लगा रखा था उनके एक्सीडेंट के बाद सिर में गंभीर चोटें आईं और फिर उनकी मौत हो गई। जिसके बाद इन मौतों के आंकड़ों को कम करने और चालकों की सुरक्षा के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने ये आदेश जारी कर दिया कि नो हैलमेट, नो पेट्रोल।
पेट्रोल पंप संचालकों को नहीं है कार्यवाही का भय
हैरानी होती है चालकों का ये रवैया देखकर… बहरहाल कलेक्टर के आदेश के बाद शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों में बिना हैलमेट पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है तो वहीं घमापुर इलाके में मौजूद पेट्रोल पंपों में संचालकों द्वारा बिना किसी कार्रवाई के भय के कलेक्टर के आदेश की अवहेलना की जा रही है। यहां चालकों को बिना हैलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा है। उधर तैययब अली पेट्रोल पंप में ग्राहक और कर्मचारी के बीच हुए विवाद के बाद चोरी छिपके बिना हैलमेट के पेट्रोल देने की भी शुरूआत हो चुकी है। विदित हो कि कुछ दिनों पहले कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा आदेश जारी किया गया था कि बिना हैलमेट कोई भी पेट्रोल पंप संचालक दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देगा और जो देगा उस संचालक के खिलाफ कार्यवाही होगी।
