नीमच की खास मिठाई जिससे इंद्रदेव होते हैं प्रसन्न 

नीमच। नगर में राखी के त्योहार पर इन्द्रसे नामक विशेष मिठाई का महत्व बढ़ जाता है। यह मिठाई केवल बारिश के मौसम में ही बनाई जाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मिठाई का भोग लगाने से वर्षा के देवता इंद्र प्रसन्न होते हैं। इससे अच्छी बारिश होती है।

इन्द्रसे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सिर्फ नीमच में ही बनती है। यह केवल बारिश के दिनों में ही उपलब्ध होती है। भाई-बहन के पर्व पर इस मिठाई का विशेष महत्व है। इसी कारण इसे बरसाती या मौसमी मिठाई भी कहा जाता है। यह कुरकुरी मिठाई चावल, शकर, देशी घी और मैदा से बनाई जाती है। स्वाद में यह बेहद लाजवाब होती है। बारिश का मौसम शुरू होते ही इसका निर्माण आरंभ हो जाता है। यह मौसम के अंत तक चलता रहता है।

राजस्थान से घिरे मध्य प्रदेश के नीमच जिले को अपने खानपान और मसालों के लिए जाना जाता है। यह सीआरपीएफ की जन्मभूमि के नाम से भी प्रसिद्ध है, लेकिन इन्द्रसे मिठाई ने इस शहर को एक अलग पहचान दी है।

इस परंपरा की शुरुआत नीमच में लगभग 80 साल पहले हुई थी। आज भी यह निरंतर जारी है। वर्तमान में नीमच में कुछ ही दुकानें हैं, जहां यह विशेष मिठाई मिलती है। हर साल लोग बड़ी बेसब्री से इस मिठाई का इंतजार करते हैं। राखी जैसे त्योहारों पर इसकी मांग विशेष रूप से बढ़ जाती है।

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