नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) सरकार ने कहा है कि स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानजनक जीवन यापन का अवसर मिलना चाहिए और सरकार का यह संकल्प है कि उनकाे यह अधिकार मिले।
भारत स्ट्रीट वेंडर फोरम की दो दिन चली बैठक के दौरान पीएम स्वनिधि के निदेशक राज कुमार ने सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा पर आयोजित सत्र में भाग लेते हुए स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को दोहराया है। बैठक में वेंडर्स के हकों की सुरक्षा के लिए उन्हें कानूनी संरक्षण देने पर जोर देते हुए कहा है कि उनके अधिकारों और आजीविका को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप की जरूरत है और इस दिशा में बैठक में जो पहल की गई है उसे स्वरूप देने की सख्त जरूरत है।
फोरम की दो दिन तक चली बैठक के बाद शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में फोरम ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में देशभर के 100 से ज्यादा शहरों से आये प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और कहा कि वेंडर्स को कानूनी रूप से संरक्षण देने की सख्त जरूरत है। इस दौरान कई सत्र आयोजित किये गये जिनमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। वेंडर्स को अपने कानूनी अधिकार मजबूत करने के लिए पहचान पत्र, चालान, तस्वीरें और संचार से जुड़ी संपूर्ण दस्तावेज़ीकरण तैयार रखने की सलाह दी गई।
फोरम की बैठक में अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत विक्रेताओं के कानूनी अधिकारों और हकों पर जोर दिया जबकि प्रसिद्ध भारतीय फ़ूड समीक्षक और इतिहासकार पुष्पेश पंत ने कहा कि स्ट्रीट फूड संस्कृति सत्र में उल्लेख किया कि ‘भारत में, भोजन का मतलब स्ट्रीट फूड है’। सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर ने भारत में विकसित हो रही स्ट्रीट फूड संस्कृति पर अपने विचार रखे। बैठक के बाद भारत स्ट्रीट वेंडर फोरम ने स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों और आजीविका को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप भी पेश किया।
फोरम ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए कानूनी हस्तक्षेप होना चाहिए और शिकायत निवारण समितियों पर काम करने का दबाव होना चाहिए। इसमें अपीलीय प्राधिकरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर निचले स्तर से नीति निर्माण की प्रक्रिया को बढ़ावा देना शामिल था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेकर वेंडर्स को उद्यमियों में बदलने और ज़मीनी हकीकत पर आधारित नीतियां बनाने पर जोर दिया गया।
