मुंबई, 10 अगस्त (वार्ता) अमेरिका में भारतीय सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाये जाने से उत्पन्न चिंता और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों में बीते सप्ताह भी गिरावट जारी रही और प्रमुख सूचकांक करीब एक प्रतिशत की टूटकर बंद हुये।
निवेशक आने वाले सप्ताह में भी आयात शुल्क पर स्थिति और स्पष्टत होने का इंतजार कर सकते हैं। ऐसे में निवेशक अभी बाजार में कोई बड़ा दाव लगाने में सावधानी बरत सकते हैं। निवेशकों की निगाह मुद्रास्फीति के नये आंकड़ों पर भी होगी जो अगले सप्ताह ही जारी किये जाने वाले हैं।
खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ 12 अगस्त को और थोक मुद्रास्फीति का आंकड़ा 14 अगस्त को आयेगा। सप्ताह के दौरान बड़ी कंपनियों में ऑयल इंडिया, ओएनजीसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और आईआरसीटीसी के परिणाम भी जारी होने हैं जो बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
पिछले सप्ताह बाजार में गिरावट दर्ज की गयी जो लगातार छठी साप्ताहिक गिरावट थी। बीएसई का सेंसेक्स इससे पिछले सप्ताहांत की तुलना में 742.12 अंक यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 79,857.79 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 0.82 प्रतिशत (202.05 अंक) टूटकर शुक्रवार को 24,363.30 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 09 मई के बाद का निचला स्तर है।
बाजार में बिकवाली चौतरफा रही। एनएसई में 100 शेयरों पर आधारित निफ्टी-100 सूचकांक भी 0.86 प्रतिशत टूटा। कमजोर निवेश धारणा के बीच मझौली और छोटी कंपनियों पर ज्यादा दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.11 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.37 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट में रहे।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 15 लाल निशान में और 15 हरे निशान में बंद हुये। सप्ताह के दौरान इंफोसिस के शेयर सबसे ज्यादा 3.19 प्रतिशत टूटे। सनफार्मा में 2.60 फीसदी और आईसीआईसीआई बैंक में 2.38 फीसदी की गिरावट रही। टाटा मोटर्स, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक भी दो प्रतिशत से अधिक का नुकसान उठाने वालों में रहे।
टाइटन का शेयर सबसे ज्यादा 4.39 फीसदी चढ़ा। टाटा स्टील में 3.27 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 2.84 प्रतिशत और ट्रेंट में 2.51 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। मारुति सुजुकी का शेयर 2.27 प्रतिशत मजबूत हुआ। बीईएल, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेकनोलॉजीज के शेयर भी 1.5 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुये।
