जबलपुर: शहर में दूध विक्रेताओं की मनमानी से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। कुछ दिन पहले तक 67 रुपए प्रति लीटर बिकने वाला दूध अब डेयरियों में 73 रुपए लीटर हो गया है। डेयरी संचालकों का कहना है कि लागत और घाटा उनका है, तो मुनाफे का दाम प्रशासन क्यों तय करे।
जानकारों के मुताबिक यह रेट मोनोपॉली और अनुचित व्यापार प्रथा है। पेंशनर्स एसोसिएशन ने कलेक्टर से मूल्य वृद्धि पर रोक की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार डेयरी संचालकों ने प्रशासन से दर वृद्धि की कोई स्वीकृति भी नहीं ली। उपभोक्ता संगठनों के पुराने प्रयास भी कोर्ट से बेअसर लौटे हैं, जिससे डेयरी संचालकों का दबदबा बना हुआ है।
