ग्वालियर: भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस भवन, शिंदे की छावनी पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में विचार संगोष्ठी आयोजित की गई, कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस भवन में स्थापित राष्ट्रीय नेतांओ की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर राष्ट्रगान से किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह दिन हमारे देश के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक है, भारत को आजादी दिलाने लाखो स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नेतृत्व में समूचे देश ने अंग्रेज़ी हुकूमत को स्पष्ट संदेश दिया था कि अंग्रेज़ों भारत छोड़ो।
9 अगस्त 1942 को शुरू हुआ यह आंदोलन केवल स्वतंत्रता की मांग नहीं था, बल्कि यह संकल्प था कि हम अपने आत्मसम्मान, स्वाभिमान और आज़ादी के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। देश के कोने-कोने में किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं सभी एकजुट होकर बलिदान दिया। हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएँ सही, गोलियों का सामना किया, और अपने प्राणों की आहुति दी।
आज, 83 वर्षों बाद, हमें यह स्मरण करना जरूरी है कि स्वतंत्रता सिर्फ़ राजनीतिक आज़ादी नहीं है। यह समानता, न्याय, भाईचारे और जनकल्याण का संकल्प भी है। अगर हम इन मूल्यों को भूल जाएँ, तो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान अधूरा रह जाएगा। कार्यक्रम में संगठन प्रभारी महाराज सिंह पटेल, वीर सिंह तोमर, जे.एच. जाफरी, सेवादल के देवेन्द्र शर्मा, हामिद खाँ उस्मानी, सज्जन सिंह राठौर, राजीव शर्मा, रशीद पहलवान, तरुण यादव, रमेश भारती, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश खान, हितेन्द्र सिंह यादव सहित अनेक कांग्रेसजन सम्मिलित थे
