
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, देश की धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान का आधार है और यह हमारी ताकत है।
श्रीनगर, 09 अगस्त (वार्ता): जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि भारत की धर्मनिरपेक्षता को कोई भी खत्म नहीं कर सकता, क्योंकि यह हमारे संविधान की बुनियाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्मनिरपेक्षता ही भारत को एक मजबूत और विविध राष्ट्र बनाती है। यह टिप्पणी देश में बढ़ती सांप्रदायिक बहस के बीच आई है।
श्री अब्दुल्ला ने कहा, “भारत सिर्फ एक भू-भाग नहीं है, यह एक विचार है। यह विचार सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक साथ रहने की अनुमति देता है। जब तक हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और सभी धर्मों को समान रूप से देखते हैं, तब तक कोई भी ताकत हमारी धर्मनिरपेक्षता को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों से सावधान रहें जो समाज को बांटने की कोशिश करते हैं और एकजुटता बनाए रखें।
निष्कर्ष: फारूक अब्दुल्ला का यह बयान वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में धर्मनिरपेक्षता के महत्व को रेखांकित करता है और भारत की समावेशी संस्कृति को बनाए रखने की अपील करता है।
