ग्वालियर: ग्वालियर में पेड़ काटने का काम एक मूक-बधिर मजदूर के लिए जिंदगी भर का अभिशाप बन गया।35 वर्षीय जफर खान, जो जन्म से सुन और बोल नहीं सकता, गरीबी में दिन काटते हुए कभी नहीं सोच सकता था कि एक दिन मजदूरी की तलाश में उसे ऐसी चोट लग जाएगी, जिससे वो शायद कभी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाएगा। परिवार और स्थानीय लोगों के मुताबिक पार्षद पति ने नगर निगम डिपो प्रभारी से कहकर जफर और उसके भाई को महाराज बाड़े स्थित भाजपा मुख्यालय मुखर्जी भवन पर पेड़ काटने के लिए भेजा था।
जफर पेड़ की ऊंची शाखाओं पर काम कर रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 60 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गिरते ही उसका शरीर दर्द से तड़पने लगा… उसकी आंखों में चीख थी, लेकिन मुँह से एक आवाज़ भी नहीं निकल रही थी — क्योंकि वह बोल नहीं सकता। उसकी हालत बेहद गंभीर है। रीढ़ की हड्डी चूर-चूर हो गई है।दाहिने पैर में गहरा फ्रैक्चर है। डॉक्टरों के मुताबिक पैरों पर दोबारा खड़े होने की उम्मीद बेहद कम है।
अब जिन लोगों ने उसे इस खतरनाक काम के लिए भेजा था, वही साफ़ मुकर रहे हैं। पार्षद पति का कहना है कि मैं तो भाजपा मुख्यालय के बाहर खड़ा था, गिरने के बाद सिर्फ अस्पताल पहुंचाने में मदद की। डिपो प्रभारी यतेंद्र भार्गव का कहना है कि मैं जफर को जानता ही नहीं, मैंने किसी को नहीं भेजा और न मुझे मालूम है वहां क्या हुआ। परिवार का आरोप है कि शुरुआत में इलाज का वादा किया गया, लेकिन अब दोनों ही हाथ खड़े कर चुके हैं।
