भुवनेश्वर, 08 अगस्त (वार्ता) कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने ओडिशा सरकार से 6 अगस्त को जलेश्वर में दो कैथोलिक पादरियों और एक धर्मशिक्षक पर भीड़ के हमले के बाद त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
इसने अपराधियों की तत्काल पहचान और उन पर मुकदमा चलाने तथा सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।
सीबीसीआई ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के एक परेशान करने वाले पैटर्न का हिस्सा और देश में असहिष्णुता के बढ़ते माहौल का प्रतिबिंब बताया।
रिपोर्टों के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब जलेश्वर स्थित सेंट थॉमस चर्च के पैरिश पादरी फादर लिजो, एक अन्य पादरी, दो नन और एक धर्मशिक्षक के साथ, पास के एक गाँव में अंतिम संस्कार प्रार्थना सभा आयोजित करने के बाद पैरिश लौट रहे थे।
स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने ननों को किसी तरह बचाया, लेकिन पादरियों और धर्मशिक्षक को रोक लिया गया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, हाथापाई की गई और उन पर धर्मांतरण का झूठा आरोप लगाया गया। फादर लिजो का मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया और कभी वापस नहीं किया गया, जबकि धर्मशिक्षक श्री दुर्ज्योधन को बेरहमी से पीटा गया और उनकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त कर दी गई।
