
भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर सरकार पर जनहित के मुद्दों से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत जनविरोधी है, सत्र के दौरान वह लगातार चर्चा से बचती रही।
सिंघार ने कहा कि ओबीसी आरक्षण, आदिवासी अधिकार, बेरोजगारी, श्रमिक कानूनों, महानगर विधेयक, कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं जैसे अहम मुद्दों पर सरकार मौन रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग वनाधिकार कानून की अवहेलना कर जंगल कटवा रहे हैं और सरकार चुप है।
युवाओं को नियमित नहीं करना, श्रमिकों के हक छीनना, स्टाम्प शुल्क में 400% तक वृद्धि, और मूंग खरीदी में गड़बड़ी भी सरकार की जनविरोधी नीति को दर्शाता है। सिंघार ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे गृह विभाग छोड़ने को तैयार नहीं, जबकि प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमराई हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि 9 करोड़ की आबादी वाले राज्य के लिए इतना छोटा सत्र क्यों? कांग्रेस ने सीमित समय में भी जनता के पक्ष में आवाज बुलंद की।
