रायसेन:जिले के किसानों को इस समय मूंग फसल की बिक्री में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खरीदी केंद्रों पर जूट की बोरियों की कमी और स्लॉट बुकिंग में अड़चनों के कारण मूंग की खरीदी कई जगहों पर रुकी हुई है। बारदाना न होने से किसान तौल नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उनकी स्लॉट बुकिंग की तिथियां निकल रही हैं और वे नुकसान के डर से चिंतित हैं।
कई किसानों का आरोप है कि वेयरहाउस और सोसायटी में उनकी मूंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाकर उपज को रिजेक्ट किया जा रहा है। करमोदिया के किसान राजेश दांगी और परसौरा के हरिसिंह ने विरोध जताते हुए ट्रॉली की मूंग सड़क पर खाली कर दी ताकि सभी को क्वॉलिटी का सही अंदाजा हो। उनका आरोप है कि कर्मचारी जानबूझकर उपज को नॉन-एफएक्यू बताकर पैसे मांग रहे हैं।
आरोप है कि तुलाई के दौरान कांटे में कटौती कर मूंग की मात्रा कम दिखाई जा रही है। वहीं, समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने की कोशिश कर रहे किसान रात-रात भर वेयरहाउस के सामने ट्रॉली में गुजारने को मजबूर हैं।डीएमओ कल्याण सिंह ठाकुर ने बताया कि कोलकाता और भोपाल से बारदाने की खेप रवाना हो चुकी है और जल्द ही खरीदी शुरू कर दी जाएगी। कृषि उपसंचालक केपी भगत ने कहा कि स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्या को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया गया है और समाधान की प्रक्रिया जारी है। अब तक जिले में एक लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो चुकी है।
