इंदौर:इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा अब उज्जैन के निगम आयुक्त होंगे. उनको सरकार ने इंदौर को लगातार आठवीं बार स्वच्छता में सिरमौर बनने में अहम भूमिका निभाने के कारण महाकाल नगरी की जिम्मेदारी सौंपी है. बताया जा रहा है कि मिश्रा को उज्जैन नगर निगम आयुक्त बनाने के पीछे आगामी सिंहस्थ की तैयारियां करना मुख्य कारण है.
राज्य सरकार ने 2017 बैच के आईएएस अधिकारी अभिलाष मिश्रा को उज्जैन नगर निगम कमिश्नर बनाने के आदेश जारी किए है. उनकी नियुक्ति में अहम भूमिका आयुक्त शिवम वर्मा और कलेक्टर आशीष सिंह की होना बताई जा रही है. वे दोनों सीनियर अधिकारियों के चहेते माने जाते हैं. इसके साथ ही बड़ा कारण है. इंदौर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था, जिसको कोई अधिकारी संभाल नहीं पा रहा था. एक समय चर्चा होने लगी थी कि इंदौर इस बार सफाई में आगे नहीं आएगा.
बिगड़ी हुई व्यवस्था के बीच आयुक्त शिवम वर्मा ने अभिलाष मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी और सफाई का नवाचार के साथ आगे बढ़ाने काम दिया. मिश्रा ने लगातार मेहनत कर सफाईकर्मियों से लेकर संसाधन तक विशेष ध्यान दिया. उनके द्वारा एक माह में ही बिगड़ी सफाई व्यवस्था दुरस्त होने से इंदौर को आशा बंधी कि हम सिरमौर होंगे. इंदौर सिरमौर बना है तो उसमें अभिलाष मिश्रा ने मुख्य भूमिका निभाई है. इसके वे पात्र भी है. यह अलग बात है कि नगर निगम आयुक्त ने उनके हर निर्णय पर भरोसा जताया.
काम करने के आदी
वैसे मिश्रा इंदौर जिले में महू एसडीएम के अलावा बैतूल जिला पंचायत सीईओ और कुछ महीने महिदपुर अनुविभागीय अधिकारी के पद पर भी रहे है. उसके बाद अपर आयुक्त बन इंदौर नगर निगम में अपनी कार्यशैली से सभी का दिल जीत लिया. उनकी कार्य शैली का परिणाम है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मिश्रा को अपने शहर ले गए और कांटों के ताज वाली जिम्मेदारी सौंपी दी. मिश्रा काम करने के आदी है, इसलिए उनको परेशानी नहीं होगी और इंदौर शहर का अनुभव उनको उज्जैन निगम के काम करने में सहयोग देगा.
