मुंबई, 02 अगस्त (वार्ता) निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक का एकल शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 14.64 प्रतिशत घटकर 861.75 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक को 1,009.53 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
बैंक ने बताया कि उसकी ब्याज से प्राप्त आय 5.62 फीसदी की वृद्धि के साथ 6,686.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। कुल आय भी 7.64 प्रतिशत बढ़ी और 7,799.61 करोड़ रुपये हो गया।
फेडरल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.वी.एस. मणियन ने शनिवार को जारी पहली तिमाही के परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि इस तिमाही ने हमारे मॉडल के वैविध्य की मजबूती को एक बार फिर रेखांकित किया है। अपेक्षाकृत सुस्त पहली तिमाही में भी वाणिज्यिक बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और गोल्ड लोन जैसे प्रमुख सेगमेंट में गति बरकरार रही। परिचालन से प्राप्त लाभ मजबूत रहा। शुल्क से प्राप्त आय रिकॉर्ड स्तर पर रही।
जारी परिणामों में बताया गया है कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) तथा अन्य मदों में प्रावधान बढ़ा है, जो शुद्ध मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण रहा। इस साल 31 मार्च की तुलना में 30 जून को बैंक का एनपीए बढ़ गया है। उसका सकल एनपीए 1.84 प्रतिशत से बढ़कर 1.91 प्रतिशत पर और शुद्ध एनपीए 0.44 प्रतिशत से बढ़कर 0.48 प्रतिशत पर पहुंच गया।
पहली तिमाही में बैंक द्वारा दिये गये ऋण की शुद्ध राशि सालाना आधार पर 9.24 प्रतिशत बढ़ी। कुल जमा में 8.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चालू खाता और बचत खाते में जमा राशि 12.01 फीसदी बढ़कर 87,236 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।
बैंक की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब वह देश का छठा सबसे बड़ा निजी बैंक बन गया है।
