भरण-पोषण की मांग निरस्त,
जबलपुर: कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विजय सिंह कावछा की अदालत ने समर्थ होने के बावजूद भरण-पोषण की राशि की मांग करने वाली महिला का आवेदन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रकरण दर्ज करने के निर्देश भी दिये है।मामले की सुनवाई के दौरान अनावेदक दुर्ग छत्तीसगढ़ निवासी अभिनव हाईड की ओर से कहा गया कि साउथ सिविल लाइन जबलपुर निवासी आयरीन ग्रेगरी अनावेदक अभिनव की पत्नी है।
दोनों का विवाह ईसाई रीति-रिवाज से तीन जून 2015 को रायपुर में हुआ था। जब अनावेदक मानसिक रूप से बीमार हुआ, तो आवेदिका ने उसका ठीक से ख्याल नहीं रखा। वह जबलपुर में रहकर टीचिंग करने लगी।
जिसके जरिए वह अपना खर्च चलाने में समर्थ है। इसके बावजूद 30 हजार रुपये मासिक भरण-पोषण राशि चाहती है। उसकी वेतन की पर्चियां अनावेदक के पास हैं। जिससे स्पष्ट है कि अदालत को गुमराह कर भरण-पोषण राशि चाही जा रही है। इसलिए उसके विरुद्ध प्रकरण दर्ज होना चाहिए। अदालत ने तर्क से सहमत होकर भरण-पोषण राशि की मांग का आवेदन निरस्त कर दिया। साथ ही अनावेदक की ओर से सीआरपीसी की धारा-340 के अंतर्गत कार्यवाही की मांग स्वीकार कर ली।
