नयी दिल्ली, 02 अगस्त (वार्ता) सरकार की ओर से न्यूनतम पेंशन बढ़ाये जाने के बार-बार आश्वासन दिये जाने के बावजूद इस मामले में कोई कदम न उठाने से आक्रोशित ईपीएस-95 योजना के पेंशनभोगी चार-पांच अगस्त को यहां जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
संसद सत्र के दौरान किये जाने वाले इस आंदोलन के बारे में ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) के अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछले 10 वर्षों से बुजुर्ग पेंशनभोगी पेंशन में वृद्धि की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी जरूरतों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगी कोई भीख नही मांग रहे हैं, वे अपना हक मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, “ हम अपना हक मांग रहे हैं, 7500 रुपये की न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की ही मांग कर रहे हैं, सरकार कई बार आश्वासन देने के बावजूद इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही है। अब हमारी सहन शक्ति की सीमा समाप्त हो गयी है। ”
श्री राऊत ने कहा कि देश के 78 लाख पेंशनभोगियों की मांगों को लेकर चार और अगस्त को जंतर-मंतर पर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जायेगा।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय के उच्च पेंशन से जुड़े निर्णय की कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जा रही मनमानी व्याख्या पर भी सवाल उठाया और कहा, “ न्यायालय ने तो हमें न्याय दिया, लेकिन ईपीएफओ की गलत व्याख्या के कारण लाखों पेंशनभोगियों को उनका कानूनी हक़ नहीं मिल रहा है। केन्द्रीय श्रम मंत्री और केन्द्रीय वित्त मंत्री से इन मसलों को लेकर कई बार बैठकें हुईं, लेकिन हर बार हमें कार्यवाही की जगह सिर्फ़ आश्वासन ही मिला है। ”
एनएसी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत ने इस मौके पर कहा, “ हमारे बुजुर्ग साथी भोजन और दवा के बिना मर रहे हैं। हम कोई ऐशो-आराम नहीं मांग रहे, सिर्फ़ इतना चाहते हैं कि बुजुर्ग अपना वृद्ध जीवन गरिमा के साथ जी सकें। हर महीने हमारे साथी न्याय की आस में दुनिया छोड़ देते हैं। अब ये केवल पैसों का नहीं, इंसानियत का मुद्दा बन चुका है। ”
एनएसी की महिला फ्रंट की राष्ट्रीय सचिव सरिता नारखेड़े ने कहा, “ इस उपेक्षा का सबसे बड़ा असर वृद्ध महिलाओं, विशेषकर विधवाओं पर पड़ रहा है। वे बिना चिकित्सा और बिना मदद अकेले जीवन व्यतीत करने को मजबूर है… एक सम्मानजनक पेंशन और इलाज की व्यवस्था बहुत बड़ी मांग नहीं है। अब हमें आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। ”
श्री राउत ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगा। प्रदर्शन में देश के 27 राज्यों के पेंशनभोगी भाग लेंगे, और कई राजनीतिक दलों के सांसद भी पेंशनरों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचेंगे।

